मंगलवार, 14 अक्तूबर 2014

नोबेल पुरस्कार 2014 एवं सम्बंधित तथ्य


अगामी सभी परीक्षाओं के लिए अत्यधिक महत्वपूर्ण
1.चिकित्सा क्षेत्र में

ब्रिटिश अमेरिकी साइंटिस्ट jhon O keffe एवं नोर्वे के जोड़े maybritt एवं Edvard moser को सयुंक्त रूप से दिया गया। इन्होंने मानवीय मस्तिक में जीपीएस प्रणाली का पता लगाया है।
O keffe को 8 मिलियन स्वीडिश कार्नर का आधा हिस्सा मिलेगा शेष आधा नोर्वे
दम्पति को दिया जायेगा।
O keffe ने "प्लेस सेल" एवं मोसेर दम्पति ने "ग्रिड सेल "की खोज की
प्लेस सेल एवं ग्रिड सेल ही सम्मलित रूप से मानवीय जीपीएस सिस्टम के लिए उत्तरदायी है। इससे अल्झाइमर जैसी बीमारी से निजात संभव हो सकेगा।
Edvard moser 11 वीं महिला है जिन्होंने मेडिसिन के क्षेत्र में नोबेल से नवाजा गया है।
नोर्वे दम्पति ऐसे पांचवे दम्पति है जिन्हें नोबेल मिला है।

अन्य दम्पति निम्न है-
1.मेरे क्यूरी एवं पिएरे क्यूरी (1911) को फिजिक्स में
2.इरेने जोलिओत क्यूरी एवं फेडेरिक जोलिओत क्यूरी (1935) को केमिस्ट्री में।
3.गेर्टी राद्नित्ज़ कोरी एवं फर्डीनांड कोरी (1947) को मेडिसिन में।
4.अल्वा म्य्र्दल एवं गुन्नार म्य्र्दल (1974) इकोनॉमिक्स मे

2.फिजिक्स क्षेत्र में
जापान के . अकसकी और हिमोशी एमिनो और अमरीका के शुजी नाकामुरा को सयुंक्त रूप से दिया गया। इन्होंने blue LED की खोज की थी जो कि एनर्जी एफ़ीसिएन्ट एवं Environment friendly है। Blue light के द्वारा ही white light को बनाया जा सकता है ,Red और green light का विकास पहले ही किया जा चुका है
blue LED लो हीट एवं स्लिम साइज़ के लिए सहायक है। आजकल मोबाइल ,टीवी ,में भी इसका उपयोग किया जा रहा है।

3.केमिस्ट्री क्षेत्र मेंअमेरिका के
एरिक बे त्ज़िग एवं विलियम मोएर्नेर एवं जर्मनी के स्टेफेन डब्लू हेल को सयुंक्त रूप से दिया गया। इन्होने सूक्ष्म माइक्रोस्कोप का अविष्कार किया है। इन्होंने रिजोल्वड फ्लोरेंस माइक्रोस्कोप टेक्निक का उपयोग किया है।

4.साहित्य क्षेत्र मे
फ्रांसिस लेखक पेट्रिक मोदियानोको दिया गया । उनकी पुस्तक का मुख्य विषय सेकंड वर्ल्ड वॉर में नाजियों द्वारा की गयी यातना है। उनकी मुख्य पुस्तक फ्रेंच-41,इंfग्ल -11,जरमन -21 ,स्पेनिश -12,स्वीडिश -12,क्रिटिकल -23 है।

5.शांति के क्षेत्र में              

पाकिस्तान की मलाला युसुफजई और भारत के केलास सत्यार्थी को दिया गया।
मदर टेरेसा के बाद शांति का पुरस्कार पाने वाले केलास पहले भारतीय है।
मलाला सबसे युवा एवं पहली पाकिस्तानी है जिन्हें इस पुरस्कार से नवाजा गया है।
दोनों को $1.11 m (₹6.8 cr) की राशि सयुंक्त रूप से दी जाएगी। Norwegian Nobel institute के डायरेक्टर गिएर लुन्देस्तंद है।
इससे पहले महाम्त्मा गाँधी जी को शांति के लिए पांच बार नामांकित किया गया था।
केलास के NGO का नाम बचपन बचाओ आन्दोलन है ।यह गरीब और बालश्रम सहित सभी समस्याओं से जूझने वाले बच्चों की मादा करता है। आप मध्य प्रदेश के विदिशा निवासी है।
इससे पहले आपको Aachen peace prize (1994),Rob ert f kennedy human
right award(1995),Fri edrich Ebert stiftung Human right award (1999) और parliamentary for global action defender of democracy award(2009) से
भी सम्मानित किया जा चुका है।
मलाला योसफजई (17) पाकिस्तान के खेबर पख्तुन्ख्वाप्रोविंस ,स्वात घाटी से सबंधित है।
वर्तमान में वे इंगलैंड में परिवार सहित रहा रही है।
उन्हें पहली बार बीबीसी पर लिखे उनके लेख life under taliban से पहचान मिली। उन्होंने 11 साल की उम्र में बीबीसी उर्दु के लिए डायरी लिखी थी। तालिबान ने उनपर जानलेवा हमला किया था।
उन्हें 2011 में पाकिस्तान का नेशनल यूथ पीस
प्राइज,अन्तर्रा ष्ट्रीय बाल
शांति पुरस्कार ,साखरोव ,
मक्सिको का समानता पुरस्कार, UNO
का ह्यूमन राईट पुरस्कार दिया जा चुका है।
अभी तक 47 महिलाओं को नोबेल प्राइज
दिया जा चुका है।
पहला शांति का पुरस्कार 1901 में
दिया गया था।
अभी तक 94 शांति के पुरस्कार दिए जा चुके है।
मलाला 16 वीं महिला है जिन्हें यह पुरस्कार
दिया गया है।
इससे पहले बच्चों के लिए काम करने हेतु शिरीन
एबादी को 2003 में तथा UNICEF
को 1965 में पुरस्कार दिया गया।
निम्न वर्षों में नोबेल शांति पुरस्कार
नहीं दिया गया
1914-1916,1918,
1923,1924 ,1928
1932 ,1939-1942, 1948,
1955-1956, 1966-1967 ,1972
कुछ प्रमुख लोग जिन्हें शांति का नोबेल मिला है
निम्न है-
1906- थिओडोर रोइस्वेल्त
1964- मार्टिन लूथर किंग
1979- मदर टेरसा
1989-14th दलाई लामा(तेनजिन ग्यात्सो)
1991-औंग सन कई
2005- IAEA
2009-बराक ओबामा
2013- OPCW
6.नोबेल पुरस्कार से सबंधित तथ्य-
नोबेल पुरस्कार की स्थापना स्वीडन के
वैज्ञानिक अल्फ्रेड बर्नाड (बर्नहार्ड) नोबेल
ने 1901 . में की थी।
अल्फ्रेड बर्नाड(बर्नहार् ) नोबेल का जन्म
1833 . में स्वीडन के शहर स्टॉकहोम में हुआ
था। 9 वर्ष की आयु में वे अपने परिवार के साथ
रूस चले गये।
अल्फ्रेड नोबेल एक अविवाहित स्वीडिश
वैज्ञानिक और केमिकल इंजीनियर थे जिसने
1866 . में डाइनामाइट की खोज की।
स्वीडिश लोगों को 1896 में उनकी मृत्यु के
बाद ही पुरस्कारों के बारे में पता चला, जब
उन्होंने उनकी वसीयत पढ़ी, जिसमें उन्होंने
अपने धन से मिलने वाली सारी वार्षिक आय
पुरस्कारों की मदद करने में दान कर दी थी।
अपनी वसीयत में उन्होंने आदेश
दिया था कि "सबसे योग्य व्यक्ति चाहे वह
स्केडीनेवियन हो या ना हो पुरस्कार प्राप्त
करेगा।" उनके द्वारा छोड़े गये धन पर मिलने
वाला ब्याज उन व्यक्तियों के बीच वार्षिक
रूप से बाँटा जाता है, जिन्होंने विज्ञान,
साहित्य, शांति और अर्थशास्त्र के क्षेत्र में
उत्कृष्ट योगदान दिया है।
विश्व के 58,960,000 अमेरिकी डॉलर के
सबसे अधिक गौरवशाली पुरस्कार को 'नोबेल
फाउंडेशन' द्वारा मदद प्रदान की जाती है।
पहले नोबेल पुरस्कार पाँच विषयों में कार्य
करने के लिए दिए जाते थे।
अर्थशास्त्र के लिए पुरस्कार स्वेरिजेश रिक्स
बैंक, स्वीडिश बैंक
द्वारा अपनी 300वीं वर्षगाँठ के उपलक्ष्य में
1967 में आरम्भ किया गया और इसे 1969 में
पहली बार प्रदान किया गया। इसे
अर्थशास्त्र में नोबेल स्मृति पुरस्कार
भी कहा जाता है।
पुरस्कार के लिए बनी समिति और
चयनकर्ता प्रत्येक वर्ष अक्टूबर में नोबेल
पुरस्कार विजेताओं की घोषणा करते हैं लेकिन
पुरस्कारों का वितरण अल्फ्रेड नोबेल की पुण्य
तिथि 10 दिसम्बर को किया जाता है।
प्रत्येक पुरस्कार में एक वर्ष में अधिकतम तीन
लोगों को पुरस्कार दिया जा सकता है। इनमें से
प्रत्येक विजेता को एक स्वर्ण पदक, डिप्लोमा,
स्वीडिश नागरिकता में एक्सटेंशन और धन
दिया जाता है।
अगर एक पुरस्कार में दो विजेता हैं,
तो धनराशि दोनों में समान रूप से बांट
दी जाती है। पुरस्कार प्राप्तकर्ताओं
की संख्या अगर तीन है तो चयन समिति के पास
यह अधिकार होता है कि वह धनराशि तीन में
बराबर बाँट दे या एक को आधा दे दे और
बाकी दो को बचा धन बराबर बाँट दे।
अब तक केवल दो बार मृत व्यकियों को यह
पुरस्कार दिया गया है। पहली बार एरिएक्सेल
कार्लफल्डट को 1931 में और दूसरी बार
संयुक्त राष्ट्रसंघ के महासचिव डैग डैमरसोल्ड
को 1961. में दिया गया था।
1974 में नियम
बना दिया गया कि मरणोपरांत
किसी को नोबेल पुरस्कार नहीं दिया जाएगा।
पुरस्कार वितरण 1901 से प्रारंभ
किया गया था। 1969 से यह पुरस्कार
अर्थशास्त्र क्षेत्र में भी दिया जाने लगा।
इस पुरस्कार में पदक, नोबेल प्रशस्ति-पत्र
तथा लगभग 14 लाख अमेरिकी डॉलर
राशि प्रदान की जाती है।
1937 से लेकर 1948 . तक
गाँधी जी को पाँच बार शांति पुरस्कारों के
लिए नामित किया गया पर एक बार भी उन्हें
इस पुरस्कार के लिए नहीं चुना गया।
7.नोबेल पुरस्कार प्राप्त भारतीय
रबीन्द्र नाथ टैगोर (1913 ) -साहित्य
डॉ. चंद्रशेखर वेंकट रामन ( 1930 )-भौतिकी
मदर टेरेसा(1979 )- शांति
सुब्रह्मण्यम चंद्रशेखर(1983 ) -भौतिकी
डॉ. अमर्त्य सेन(1998 ) -अर्थशास्त्र
डॉ. हरगोबिंद खुराना(1968)-वि ज्ञान
विद्याधर सूरजप्रसाद नायपॉल(2001)-सा
हित्य
वेंकट रमण (2009)-रसायन

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