शनिवार, 4 अक्तूबर 2014

प्रमुख विख्यात व्यक्ति एक नज़र में



गुरिल्ला युद्ध में माहिर, मुगल साम्राज्य के खिलाफ लम्बी लड़ाई लड़कर मराठा साम्राज्य की नींव रखी- शिवाजी

भारतीय शास्त्रीय संगीत के महान प्रतिनिधि, अकबर के नौ रत्नों में से एक- तानसेन

अकबर के दरबार के नौ रत्नों में से एक और राजस्व मंत्री-टोडरमल

महान हिंदी कवि, संत जिन्हें उनकी रचना 'रामचरितमानस' के लिए जाना जाता है-तुलसीदास

प्राचीन भारत के महान संस्कृत कवि ऋषि जिन्होंने रामायण की रचना की- वाल्मीकि

जिसने 1875 में सामाजिक कुरीतियों को मिटाने के लिए आर्य समाज की स्थापना की, वेदों के ईश्वरीय वाणी होने का समर्थन करते हुए उन्होंने सत्यार्थ प्रकाश की रचना की-दयानंद सरस्वती

सिक्खों के दसवें अंतिम गुरू जिन्होंने खालसा पंथ की स्थापना की-गुरू गोबिंद सिंह

ग्रैंड ओल्ड मैन ऑफ इंडिया के नाम से विख्यात, तीन बार भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस के अध्यक्ष रहे, ब्रिटिश हाउस ऑफ कॉमंस के लिए निर्वाचित होने वाले प्रथम भारतीय- दादा भाई नौरोजी

पंजाब के शेर के उपनाम से विख्यात, जिन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन में बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया, साइमन कमीशन के खिलाफ हुए प्रदर्शन के दौरान लाठीचार्ज से मौत- लाला लाजपत राय

भारत के अंतिम प्रथम भारतीय गवर्नर जनरल, जिन्होंने स्वतंत्रता के बाद स्वतंत्र पार्टी की स्थापना की-चक्रवर्ती राजगोपालाचारी

कवि, उपन्यासकार दार्शनिक, बंगाल में जिन्होंने शांतिनिकेतन की स्थापना की, नोबेल पुरस्कार प्राप्त करने वाले पहले एशियाई (गीतांजलि), प्रमुख कृतियाँ- गोरा, डाकघर, घरे बायरे इत्यादि-रवींद्र नाथ टैगोर

भारत के राष्ट्रगीत वंदे मातरम् के रचियता जिसे उनके उपन्यास आनंद मठ से लिया गया है- बंकिम चंद्र चटर्जी

इन्हें नाइटेंगेल ऑफ इंडिया भी कहा जाता है, अंग्रेजी की प्रख्यात कवियत्री जिन्होंने भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और 1925 में काँग्रेस की अध्यक्ष बनीं, वे उत्तर प्रदेश की प्रथम महिला गवर्नर थीं-सरोजनी नायडू

इन्हें नेताजी के उपनाम से जाना जाता है, जो एक शक्तिशाली राष्ट्रवादी नेता थे जो भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस के अध्यक्ष भी रहे, द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान उन्होंने आजाद हिंद सरकार की स्थापना करके अंग्रेजों से टक्कर ली- सुभाषचंद्र बोस

दलितों के मसीहा, भारतीय संविधान के निर्माता जो 1947 से 1951 के मध्य भारत के कानून मंत्री रहे-भीमराव अम्बेडकर

भारत के ख्याति प्राप्त वैज्ञानिक, भारतीय अणु कार्यक्रम के जनक माने जाते हैं-डा. होमी जे. भाभा

प्रसिद्ध क्रांतिकारी विचारक जिन्हें लाहौर षडयंत्र केस में फांसी दी गई-भगत सिंह

टाटा आयरन एंड स्टील कंपनी (टिस्को) के संस्थापक-जमशेद जी टाटा

फारस का बादशाह जिसने 1739 में भारत में आक्रमण करके भयंकर मारकाट की- नादिर शाह

पेशवा बाजीराव द्वितीय के दत्तक पुत्र जिन्होंने 1857 के गदर में केंद्रीय भूमिका निभाई-नाना साहब पेशवा

पल्लव सम्राट जिसने चालुक्य राजा पुलकेशिन द्वितीय को पराजित करने के बाद 'वातापीकोंडा' की उपाधि धारण की-नरसिंह वर्मन

जैन विद्वान जिन्हें कन्नड़ कविता का त्रिरत्न माना जाता है-पंपा, पोन्ना, रन्ना

प्रसिद्ध संस्कृत व्याकरणकार जिन्होंने 'अष्टध्यायी' लिखी-पाणिनी

पाणिनी की 'अष्टाध्यायी' पर 'महाभाष्य' नामक टीका लिखी, जिन्होंने योग पर 'योगसूत्र' नामक ग्रंथ लिखा- पतंजलि

दक्कन के चालुक्य वंश का सबसे शक्तिशाली सम्राट जिसने हर्षवद्र्धन को पराजित किया था-पुलकेशिन द्वितीय

बँगाल के समाज सुधारक जिन्होंने सतीप्रथा, पर्दाप्रथा और बालविवाह के उन्मूलन के लिए काफी प्रयास किया, जिन्होंने विधवा विवाह और महिला शिक्षा का भी समर्थन किया, ब्रह्म समाज के संस्थापक-राजा राममोहन रॉय

चोल सम्राट जिसने श्रीलंका पर आक्रमण किया और उसके उत्तरी भाग को अपने राज्य में मिला लिया, जिन्होंने तंजौर में राजाराजेश्वर मंदिर का निर्माण कराया- राजराजा चोल

चोल वंश का शक्तिशाली सम्राट जिसने बंगाल तक आक्रमण किया और 'गंगईकोंडाचोला पुरम' की उपाधि धारण की-राजेंद्र चोल

दक्षिणी भारतीय संत विशिष्टाद्वैतवा के प्रणेता- रामानुज

मेवाड़ के शासक हल्दीघाटी के युद्ध में पराजय के बावजूद जिन्होंने अकबर की अधीनता स्वीकार करने से इंकार कर दिया-महाराणा प्रताप

बँगाल में भक्ति आंदोलन के जन्मदाता जिन्होंने कृष्ण भक्ति का प्रचार किया-चैतन्य महाप्रभु

पंजाब के सिख महाराजा जिन्होंने 1799 में लाहौर पर कब्जा किया था, जिन्होंने अफगानों से पंजाब छीना- महाराजा रंजीत सिंह

चंद्रगुप्त प्रथम के पुत्र उत्तराधिकारी शक्तिशाली हिंदू सम्राट, जिन्हें अपनी विजय की वजह से भारत का नेपोलियन भी कहा जाता है- समुद्रगुप्त

आदिगुरु जिन्होंने हिंदू अद्वैत दर्शन के प्रसार-प्रचार के लिए देश के चारों कोनों में मठों की स्थापना की, जिन्होंने हिंदू धर्म के पुनरुत्थान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई उनके अद्वैतवाद के दर्शन से हिंदू धर्म काफी गहरे तक प्रभावित हुआ है- शंकराचार्य

रामकृष्ण परमहंस के शिष्य जिन्होंने वेदांत दर्शन से विश्व को परिचित कराया, 1893 में विश्व धर्म सम्मेलन के दौरान उनके दिए गए भाषण से विश्व भारतीय संस्कृति की महानता से परिचित हुआ, जिन्होंने समाजसेवा के लिए रामकृष्ण मिशन की स्थापना की-स्वामी विवेकानंद

मुगल सम्राट जिनकी ख्याति कला, स्थापत्य और साहित्य के प्रेमी के रूप में है, जिसने अपनी पत्नी मुमताज महल की याद में ताजमहल का निर्माण कराया-शाहजहाँ

वह प्रथम मुस्लिम शासक था जिसने प्रशासनिक सुधारों पर विशेष ध्यान दिया, उसके शासनकाल में ही ग्रांड ट्रंक रोड का निर्माण हुआ-शेरशाह सूरी

जिन्हें कौटिल्य के नाम से भी जाना जाता है, उनकी कृति अर्थशास्त्र आज भी लोगों के मध्य प्रसिद्ध है, वह चंद्रगुप्त मौर्य के गुरू प्रधानमंत्री थे, इनकी मौर्य वंश की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका थी-चाणक्य

मौर्य साम्राज्य के संस्थापक, जिसने मौर्य साम्राज्य का अफगानिस्तान तक विस्तार किया, इनके शासनकाल के दौरान ग्रीक राजदूत मेगास्थनीज़ भारत आया था- चंद्रगुप्त मौर्य

जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर जिनका जन्म वैशाली के पास हुआ था, 42 वर्ष की आयु में जिन्हें कैवल्य (आध्यात्मिक ज्ञान) की प्राप्ति हुई, जिन्होंने अपनी शिक्षाओं में अहिंसा पर विशेष जोर दिया-महावीर

मंगोल योद्धा जिसने मंगोल साम्राज्य को चीन, रूस के अधिकाँश भागों और पूर्व में काला सागर तक फैलाया, जिनका साम्राज्य सर्वाधिक विशाल साम्राज्य था-चंगेज खान

मुगल सम्राट शाहजहाँ का वरिष्ठ पुत्र जिसकी हत्या औरंगजेब ने करवाई, धार्मिक सहिष्णुता के लिए प्रसिद्ध जिसने गीता का फारसी में अनुवाद करवाया था- दारा शिकोह

मध्यकालीन भक्ति आंदोलन के संत कवि जिन्होंने मराठी भाषा के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिन्होंने जातिप्रथा का कड़ा विरोध किया-एकनाथ

महानतम राष्ट्रकूट शासक जिसने प्रतिहार, चोल, पांड्य, गंगा पल्लव को हराया-गोविन्द

सिक्ख धर्म के संस्थापक और प्रथम गुरू, इनका जन्म नानकाना साहिब (पाकिस्तान) में हुआ था-गुरू नानक देव

सिक्खों के नौवें गुरू 1675 . में औरंगजेब ने इनकी हत्या करवा दी थी-गुरू तेग बहादुर

उत्तर भारत के अंतिम महान हिन्दू सम्राट, जिन्होंने अपनी राजधानी थानेसर से कन्नौज स्थानांतरित की-हर्षवद्र्धन

बाबर का ज्येष्ठ पुत्र जो 1530 में उसका उत्तराधिकारी बना, जो 1540 में शेरशाह सूरी के हाथों पराजीत हुआ और जिसने 1555 में दिल्ली पर पुन: विजय प्राप्त की-हुमायूँ

1761 . में मैसूर के राजा नंजराजा को अपदस्थ करके सुल्तान बना, और जिसकी 1782 में द्वितीय एंग्लो-मैसूर युद्ध के दौरान मृत्यु हो गयी- हैदर अली

1333 में भारत आने वाला अफ्रीकी (तांजियर) यात्री, जिसने आठ वर्ष भारत में बिताए और जिसने मुहम्मद-बिन-तुग लक के शासनकाल के बारे में काफी कुछ लिखा-इब्न बतूता

12वीं शताब्दी में प्रसिद्ध संस्कृत कृति 'गीत गोविंद' के रचनाकार-जयदेव

11वीं शताब्दी के कश्मीरी कवि और 'राजतरंगिणी' के लेखक जिसमें कश्मीर के इतिहास का वर्णन किया गया है-कल्हण

संस्कृत के महान कवि नाट्य लेखक चंद्रगुप्त विक्रमादित्य के नौ रत्नों में से एक, जिनकी प्रसिद्ध कृतियों में 'शकुंतला', 'रघुवंश', 'मेघदूत', और 'कुमार संभव' शामिल हैं-कालीदास

चोल सम्राट के दरबारी कवि और जिन्होंने रामायण का तमिल भाषा में अनुवाद किया-कंबन

कुषाण वंश का महानतम सम्राट, बौद्ध धर्म का उपासक जिसका साम्राज्य मध्य- एशिया तक फैला था-कनिष्क

निर्गुण भक्ति धारा के संत कवि और रामानंद के शिष्य, जो ईश्वर की अखंडता में विश्वास करते थे और हिंदू-मुस्लिम एकता के पक्षधर-कबीर

कलिंग (उड़ीसा) का प्राचीनकाल में महानतम सम्राट जिसके बारे में 'हाथीगुम्फा शिलालेख' से जानकारी मिलती है-खारवेल

भारत में चिश्ती सिलसिले के संस्थापक सूफी संत जो 1192 में भारत आए- ख्वाज़ा मुइनुद्दीन चिश्ती

विजयनगर साम्राज्य के महानतम शासक, तेलुगू संस्कृत के विद्वान जिन्होंने 'अमुक्तमलयादा' नामक पुस्तक की रचना की-कृष्णादेव राय

झाँसी की शासक जो एक महान योद्धा जिसने 1857 के गदर के दौरान अपनी वीरता से अंग्रेजों के दाँत खट्ट किए- रानी लक्ष्मीबाई

बँगाल के पाल वंश के संस्थापक-गोपाला

फ्रंटियर गाँधी के नाम से प्रसिद्ध स्वतंत्रता संग्राम के दौरान 'नॉर्थ ईस्ट फ्रंटियर प्रॉविंस के प्रमुख नेता, 'खुदाई खिदमतगार नामक संगठन के संस्थापक-अब्दुल गफ्फार खान

अकबर के सेनापति नव रत्नों में से एक, प्रमुख मध्यकालीन भक्ति कवि-अब्दुल रहीम खान--खानं

अकबर के प्रमुख सलाहकार सरकारी इतिहासकार, जिसने आइने अकबरी अकबरनामा लिखा-अबुल फजल

इंदौर के महाराजा मल्हार राव होल्कर की विधवा बहू जिन्होंने 1764-65 मैं राज्य पर शासन किया-अहिल्या बाई

अफगानिस्तान का शासक जिसने भारत पर सात बार आक्रमण किया, जिसमें 1761 में पानीपत के युद्ध में मराठों की पराजय प्रमुख है-अहमद शाह अब्दाली

विंबसार का पुत्र और मगध के हरयंका वंश का द्वितीय शासक-अजातशत्रु

मुगल साम्राज्य का महानतम शासक जिसने मुगल साम्राज्य का विस्तार किया और उसे मुख्य रूप से धार्मिक सहिष्णुता और राजपूतों के साथ मित्रतापूर्ण सम्बंधों के लिए जाना जाता है, जिसने एक नए धार्मिक पंथ दीन--इलाही की स्थापना की-अकबर

प्रसिद्ध लेखक जो महमूद गजनवी के साथ भारत आया और भारत पर विश्व प्रसिद्ध किताब किताब-उल-हिंद लिखी-अल बरूनी

बहमनी राज्य के संस्थापक-अलाउद् दीन बहमन शाह

दिल्ली सल्तनत का सबसे सक्षम शासक जिसने मूल्य नियंत्रण प्रणाली लागू की, जिसके शासनकाल के दौरान दिल्ली सल्तनत का सबसे ज्यादा विस्तार हुआ-अलाउद्दीन खिलजी

इनको पैरेट ऑफ इंडिया (तोते हिंद) कहा जाता है, प्रसिद्ध साहित्यकार, इतिहासकार संगीतज्ञ सूफी संत हजरत निजामुद्दीन औलिया के शिष्य के रूप में प्रसिद्ध-अमीर खुसरो

भारतीय खगोलशास्त्री गणितज्ञ जो चंद्रगुप्त विक्रमादित्य के नौ रत्नों में से एक जिन्हें बीजगणित (Algebra) के आविष्कार का श्रेय है, वे पहले खगोलशास्त्री थे जिन्होंने बताया कि पृथ्वी अपने अक्ष पर घूमती है- आर्यभट्ट

प्राचीन भारत का महानतम शासक, 261 . पू. में कलिंग युद्ध के पश्चात् उसने हिंसा का मार्ग छोड़कर बौद्ध धर्म अपना लिया-अशोक महान

कुषाण सम्राट कनिष्क के अध्यात्मिक गुरू, जिन्होंने प्रसिद्ध बौद्ध ग्रंथ 'बुद्धचरितम्' की रचना की-अश्वघोष

मुगल सम्राज्य का अंतिम महान सम्राट जिसने साम्राज्य का सुदूर दक्षिण तक विस्तार किया, किन्तु उसकी धार्मिक असहिष्णुता की नीति ने मुगल राज्य को धक्का पहुँचाया-औरंगजेब

भारत में मुगल साम्राज्य का संस्थापक जिसने अप्रैल 1526 में पानीपत के युद्ध में इब्राहिम लोदी को परास्त किया, तुर्की में आत्मकथा तुजुक--बाबरी लिखी- बाबर

हर्षवद्र्धन के दरबारी कवि जिसने प्रसिद्ध कृति हर्षचरित लिखी-बाणभट्ट

मराठा साम्राज्य के प्रथम पेशवा- बालाजी विश्वनाथ

दिल्ली सल्तनत के सुल्तान 1265-86 जिसने सजदा पाएबोस जैसे तुर्की रिवाजों को अपने दरबार में लागू किया-बलवन

मगध राज्य के प्रथम महत्वपूर्ण राजा- बिम्बसार

प्रसिद्ध गणितज्ञ खगोलशास्त्री, जिनकी प्रसिद्ध कृति सिद्धांत शिरोमणि है-भास्कराचार्य

बौद्ध धर्म के संस्थापक जिनका जन्म नेपाल के लुम्बिनी में हुआ, कपिलवस्तु के राजा शुद्धोधन के पुत्र, जिन्होंने संसार का त्याग किया और ज्ञान की प्राप्ति के बाद बुद्ध कहलाये-गौतम बुद्ध,

कृष्ण भक्त संत जिन्होंने उड़ीसा, बंगाल पूर्वी दक्कन में कृष्ण भक्ति का प्रचार- प्रसार किया-चैतन्य

1 comments:

Chirag Gupta ने कहा…

nice

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