मंगलवार, 2 सितंबर 2014

Excuses success against बहाने विरूध्द सफलता

1- मुझे उचित शिक्षा लेने का अवसर

नहीं मिला...

उचित शिक्षा का अवसर फोर्ड मोटर्स के

मालिक हेनरी फोर्ड को भी नहीं मिला।

2- बचपन में ही मेरे पिता का देहाँत

हो गया था...

प्रख्यात संगीतकार ए.आर. रहमान के

पिता का भी देहांत बचपन में

ही हो गया था।

3- मैं अत्यंत गरीब घर से हूँ ...

पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल कलाम भी गरीब घर

से थे ।

4- बचपन से ही अस्वस्थ था...

आस्कर विजेता अभिनेत्री मरली मेटलिन

भी बचपन से बहरी व अस्वस्थ थी ।

5 - मैंने साइकिल पर घूमकर

आधी ज़िंदगी गुजारी है...

निरमा के करसन भाई पटेल ने भी साइकिल

पर निरमा बेचकर आधी ज़िंदगी गुजारी।

6- एक दुर्घटना मे अपाहिज होने के बाद

मेरी हिम्मत चली गयी...

प्रख्यात नृत्यांगना सुधा चन्द्रन के पैर

नकली है ।

7- मुझे बचपन से मंद बुद्धि कहा जाता है...

थामस अल्वा एडीसन को भी बचपन से

मंदबुद्धि कहा जाता था।

8- मैं इतनी बार हार चूका, अब हिम्मत

नहीं ...

अब्राहम लिंकन 15 बार चुनाव हारने के

बाद राष्ट्रपति बने।

9- मुझे बचपन से परिवार

की जिम्मेदारी उठानी पड़ी ...

लता मंगेशकर को भी बचपन से परिवार

की जिम्मेदारी उठानी पड़ी थी।

10- मेरी लंबाई बहुत कम है...

सचिन तेंदुलकर की भी लंबाई कम है।

11- मैं एक छोटी सी नौकरी करता हूँ ,

इससे क्या होगा...

धीरु अंबानी भी छोटी नौकरी करते थे।

12- मेरी कम्पनी एक बार

दिवालिया हो चुकी है, अब मुझ पर कौन

भरोसा करेगा...

दुनिया की सबसे बङी शीतल पेय

निर्माता पेप्सी कोला भी दो बार

दिवालिया हो चुकी है ।

13- मेरा दो बार नर्वस ब्रेकडाउन

हो चुका है, अब क्या कर पाउँगा...

डिज्नीलैंड बनाने के पहले वाल्ट

डिज्नी का तीन बार नर्वस ब्रेकडाउन हुआ

था।

14- मेरी उम्र बहुत ज्यादा है...

विश्व प्रसिद्ध केंटकी फ्राइड चिकेन के

मालिक ने 60 साल की उम्र में

पहला रेस्तराँ खोला था।

15- मेरे पास बहुमूल्य आइडिया है पर लोग

अस्वीकार कर देते है...

जेराक्स फोटो कापी मशीन के

आईडिया को भी ढेरो कंपनियो ने अस्वीकार

किया था पर आज परिणाम सामने है ।

16- मेरे पास धन नहीं ...

इन्फोसिस के पूर्व चेयरमैन नारायणमूर्ति के

पास भी धन नहीं, था उन्हे अपनी पत्नी के

गहने बेचने पड़े।

17- मुझे ढेरो बीमारियां है...

वर्जिन एयरलाइंस के प्रमुख

भी अनेको बीमारियो में थे |

राष्ट्रपति रुजवेल्ट के दोनो पैर काम

नहीं करते थे।

कुछ लोग कहेंगे कि यह

जरुरी नहीं कि जो प्रतिभा इन

महानायको में थी, वह हम में भी हो ...

लेकिन यह

भी जरुरी नहीं कि जो प्रतिभा आपके अंदर है

वह इन महानायकों में भी हो.

सार यह है कि...

आज आप जहाँ भी हैं, या कल जहाँ भी होंगे,

इसके लिए आप किसी और को जिम्मेदार

नहीं ठहरा सकते.

इसलिए आज चुनाव करिये - सफलता और सपने

चाहिए या खोखले बहाने ...?

1 comments:

आशीष भाई ने कहा…

सुंदर , धन्यवाद !
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